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तेरी याद?

मनीषा गुप्ता

मनीषा गुप्ता

कविता

January 29, 2017

बहुत #प्यार # करते # हैं #तुम # से # सनम #

दिल के खाली कोने में
हम शमां जलाए बैठे हैं #

तेरी यादों की एक एक लड़ को
खुबाबों में सज़ाए बैठे हैं #

दिन की गहमा गहमी में
तुझे दिल में छुपा लेते हैं #

रातों को तेरी यादों से
तकिए को भिगोए बैठे हैं #

तुझ से मैं गिला क्या करूँ
मेरे अश्क भी मेरे न हुए #

याद तेरी आते ही वो
आँखों से विदा ले लेते हैं #

मेरा अब कुछ मेरा न रहा
हम तो मोहब्बते दौलत में
सब कुछ लुटाए बैठे हैं #

# मनीषा #

Author
मनीषा गुप्ता
शिक्षा - हिंदी स्नातकोत्तर कृतियां - बरसात की एक शाम नाट्य विधा - औरत दास्ताँ दर्द की नाट्य विधा - जिंदगी कैसी है पहेली अनेक पत्र पत्रिका में कहानियां , लेख , और कविताएं
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