मुक्तक · Reading time: 1 minute

तेरी महफ़िल में…(मुक्तक)

तेरी महफ़िल में…(मुक्तक)
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तेरी महफ़िल में आ नहीं सकते
चोट हम और खा नहीं सकते
इस कदर तूने दिल दुखाया है
उम्र भर मुस्कुरा नहीं सकते

– आकाश महेशपुरी
दिनांक- 13/07/2021

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