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तेरी नजरों का तीर

Anuj yadav

Anuj yadav

गज़ल/गीतिका

April 10, 2017

तेरी नज़रों के तीर ने
मेरे दिल पर ऐसा किया पृहार है
जब भी आंख मिचता हूं बस
तेरी सूरत नजर आती बार-बार है
ऐसा हुआ मुझे पहली बार है
दिल की हर एक धड़कन में सुलगतेअंगार हैं
जाड़े के मौसम में होता गर्मी का खुमार है
यह तेरे इश्क का चढ़ गया मुझे बुखार है

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Author
Anuj yadav
I am a student in class 11th writing is my hobby. I live pukhrayan in Up

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