Jan 15, 2017 · मुक्तक
Reading time: 1 minute

*** तेरी खुशबू आती है ***

15.1.17 सन्ध्या 6.00
हर हर्फ़ से तेरी खुशबू आती है

हर हर्फ़ से तूं सितम ढाती है

ये कमज़ोर दिल इंसान क्या करें

ना तेरी सुबह ना शाम आती है।।
?मधुप बैरागी

46 Views
Copy link to share
भूरचन्द जयपाल
562 Posts · 22k Views
Follow 9 Followers
मैं भूरचन्द जयपाल 13.7.2017 स्वैच्छिक सेवानिवृत - प्रधानाचार्य राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, कानासर जिला -बीकानेर... View full profile
You may also like: