Jul 16, 2016 · कविता

तेरा इंतजार

हे आत्मा मेरी, तुम हो मेरे साथ
पर फिर भी है मुझे क्यों तेरा इंतज़ार….

तुम उम्मीद हो मेरी, आरजू मेरी
शरीर की सांस मेरी, तुम हो तो धडकता है दिल बार-बार….

सुनाउंगा सब किस्से तुम्हें
बताउंगा हर कहानी तुझे, दिल से करना मेरा ऐतबार….

पूछूंगा सफर कैसा रहा
जिदंगी के पड़ाव में दुनिया का शोर कैसा रहा……

हर बात बता, किसी बात को न छुपा
मुझे होश में ला, आत्मा और परमात्मा का मिलन करवा….

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पढ़ना मेरा शौक है......लिखना सीखना चाहता हूं .....मुकाम सोचा नहीं......
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