Skip to content

तू मेरे मन मधुबन बन जा

दुष्यंत कुमार पटेल

दुष्यंत कुमार पटेल "चित्रांश"

गज़ल/गीतिका

July 12, 2016

मेरे प्रियतम तू मेरे मन मधुबन बन जा
भीगती रहूँ मैं तू ऐसा सावन बन जा

आ बसा लू तुझे अपनी साँसो में
मेरे दिल की तू धड़कन बन जा

तू मेरे साजन मेरे दिलवर मेरी जान है
आ मेरी चुडियोँ की खन-खन बन जा

तू ही मेरी दुनिया बस तुम्हें ही चाहा
आ मेरी पायल की छन-छन बन जा

तू मेरे लिये रब है ,मै तेरी पूजारिन हूँ
सतरंगी सपने सजाऊँ तूअन्तर्मन बन जा

कवि :दुष्यंत कुमार पटेल”चित्रांश”

Share this:
Author
दुष्यंत कुमार पटेल
नाम- दुष्यंत कुमार पटेल उपनाम- चित्रांश शिक्षा-बी.सी.ए. ,पी.जी.डी.सी.ए. एम.ए हिंदी साहित्य, आई.एम.एस.आई.डी-सी .एच.एन.ए Pursuing - बी.ए. , एम.सी.ए. लेखन - कविता,गीत,ग़ज़ल,हाइकु, मुक्तक आदि My personal blog visit This link hindisahityalok.blogspot.com

क्या आप अपनी पुस्तक प्रकाशित करवाना चाहते हैं?

साहित्यपीडिया पब्लिशिंग से अपनी पुस्तक प्रकाशित करवायें और आपकी पुस्तक उपलब्ध होगी पूरे विश्व में Amazon, Flipkart जैसी सभी बड़ी वेबसाइट्स पर

साहित्यपीडिया की वेबसाइट पर आपकी पुस्तक का प्रमोशन और साथ ही 70% रॉयल्टी भी

साल का अंतिम बम्पर ऑफर- 31 दिसम्बर , 2017 से पहले अपनी पुस्तक का आर्डर बुक करें और पायें पूरे 8,000 रूपए का डिस्काउंट सिल्वर प्लान पर

जल्दी करें, यह ऑफर इस अवधि में प्राप्त हुए पहले 10 ऑर्डर्स के लिए ही है| आप अभी आर्डर बुक करके अपनी पांडुलिपि बाद में भी भेज सकते हैं|

हमारी आधुनिक तकनीक की मदद से आप अपने मोबाइल से ही आसानी से अपनी पांडुलिपि हमें भेज सकते हैं| कोई लैपटॉप या कंप्यूटर खोलने की ज़रूरत ही नहीं|

अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें- Click Here

या हमें इस नंबर पर कॉल या WhatsApp करें- 9618066119

Recommended for you