Skip to content

तू मेरी ना हो सकी

Yash Tanha Shayar Hu

Yash Tanha Shayar Hu

कविता

April 8, 2017

आज कल नाराज आशिक कुछ ऐसे बोलते है..

तू मेरी ना हो सकी, तो किसी और की भी ना होने दूंगा,
में तो जो रो रहा हु, तेरी अश्रुओ को भी ना बिछोने दूंगा,

और फिर अपनी आँखें मिलाकर बोलते है..

गर तू आई भी पास, तुमसे कभी नज़रे नहीं मिलाऊँगा,
ना चैन से सोऊंगा, और ना चैन से तुम्हे सोने दूंगा,

और खुद कुछ नहीं बन पाए तो कह दिया..

मेरी मत मारी गई थी, जो प्यार तुमसे बेइंतेहा कर बैठा,
अब न में इम्तिहान दूंगा, और ना तुम्हे पास होने दूंगा,

फिर सोच कर कुछ ठीक कह लू , कहता है..

मेरी आंखो का नूर हो, फ़क़ीर की तलाशी में निकला कोहिनूर हो,
आशिक़ में नहीं कल का, जो तेरी याद में अपना सर पटक दूंगा,

और गुस्से में जाते हुए कहता है..

तुम्हे दिलाता रहूँगा याद, तनहा ज़िंदगी थी मेरी हसीन ख़्वाब,
अब ना तेरे ख्वाब में देखूंगा, और ना चैन से ख्वाब देखने दूंगा,

Share this:
Author
Yash Tanha Shayar Hu
Yash Pal Sejwal born 10th March 1980 is a Poet,Lyrics,Songs writer from Delhi, I create and started writing on Facebook page "Tanha Shayar Hu" IN JANUARY 2016. This is my collection of Poems, Lyricis, and Shayari : Facebook page :... Read more

क्या आप अपनी पुस्तक प्रकाशित करवाना चाहते हैं?

साहित्यपीडिया पब्लिशिंग से अपनी पुस्तक प्रकाशित करवायें और आपकी पुस्तक उपलब्ध होगी पूरे विश्व में Amazon, Flipkart जैसी सभी बड़ी वेबसाइट्स पर

साहित्यपीडिया की वेबसाइट पर आपकी पुस्तक का प्रमोशन और साथ ही 70% रॉयल्टी भी

साल का अंतिम बम्पर ऑफर- 31 दिसम्बर , 2017 से पहले अपनी पुस्तक का आर्डर बुक करें और पायें पूरे 8,000 रूपए का डिस्काउंट सिल्वर प्लान पर

जल्दी करें, यह ऑफर इस अवधि में प्राप्त हुए पहले 10 ऑर्डर्स के लिए ही है| आप अभी आर्डर बुक करके अपनी पांडुलिपि बाद में भी भेज सकते हैं|

हमारी आधुनिक तकनीक की मदद से आप अपने मोबाइल से ही आसानी से अपनी पांडुलिपि हमें भेज सकते हैं| कोई लैपटॉप या कंप्यूटर खोलने की ज़रूरत ही नहीं|

अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें- Click Here

या हमें इस नंबर पर कॉल या WhatsApp करें- 9618066119

Recommended for you