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तू जो कह दे

विजय कुमार नामदेव

विजय कुमार नामदेव

कविता

February 2, 2017

बेशर्म की कलम से

मैं तेरे प्यार की कीमत भी चुका सकता हूँ।
तू जो कह दे तो मैं तुझको भी भुला सकता हूँ।

मैंने माना कि तूने जाग जाग लिखे हैं।।
जिद पे आ जाऊं तो ये ख़त भी जला सकता हूँ।।

विजय बेशर्म
गाडरवारा मप्र
9424750038

Author
विजय कुमार नामदेव
सम्प्रति-अध्यापक शासकीय हाई स्कूल खैरुआ प्रकाशित कृतियां- गधा परेशान है, तृप्ति के तिनके, ख्वाब शशि के, मेरी तुम संपर्क- प्रतिभा कॉलोनी गाडरवारा मप्र चलित वार्ता- 09424750038
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