तू आ जा...सावन जाने को पड़ा है

सावन में सब हरा भरा है
रिम झिम फुहारों में
मस्त नशा चढ़ा है
मेहंदी की खुशबू से महक उठा
तन मन,
तेरे इंतजार में,
तू आया क्यों नही इस मद होश
बहार में
मेरी आँखों में उतर आये तेरे आँसू
रास्ता रोक खड़ी मजबूरियाँ….
लेकिन दिल है की मानता नही,
तू आ जा तू आ जा
सावन जाने को पड़ा है।।

^^^^दिनेश शर्मा^^^^

39 Views
सब रस लेखनी*** जब मन चाहा कुछ लिख देते है, रह जाती है कमियाँ नजरअंदाज...
You may also like: