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तू आ जा…सावन जाने को पड़ा है

Dinesh Sharma

Dinesh Sharma

कविता

August 7, 2016

सावन में सब हरा भरा है
रिम झिम फुहारों में
मस्त नशा चढ़ा है
मेहंदी की खुशबू से महक उठा
तन मन,
तेरे इंतजार में,
तू आया क्यों नही इस मद होश
बहार में
मेरी आँखों में उतर आये तेरे आँसू
रास्ता रोक खड़ी मजबूरियाँ….
लेकिन दिल है की मानता नही,
तू आ जा तू आ जा
सावन जाने को पड़ा है।।

^^^^दिनेश शर्मा^^^^

Author
Dinesh Sharma
सब रस लेखनी*** जब मन चाहा कुछ लिख देते है, रह जाती है कमियाँ नजरअंदाज करना प्यारे दोस्तों। ऍम कॉम , व्यापार, निवास गंगा के चरणों मे हरिद्वार।।
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