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तुम

Sahib Khan

Sahib Khan

गज़ल/गीतिका

May 17, 2017

तेरा हिजाब मेरा कफ़न न हो जाये,
इस तरह प्यार दफ़न न हो जाये,
तू रूठा न कर जालिम इस कदर,
मेरा दिल उजड़ा चमन न हो जाये,
तेरी आँखे दरिया है पर रोया न कर,
प्यास-ए-दीद तेरी ख़त्म न हो जाये,

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Author
Sahib Khan

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