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तुम हो तो………………

Er Dev Anand

Er Dev Anand

कविता

August 23, 2017

तुम हो
तो सब कुछ है
तुम हो
तो सपने हैं
तुम हो
तो बहुत से रिश्ते अपने हैं
तुम हो
तो सपनों के रंग अलग है
तुम हो
तो जीवन में उमंग अलग है ।
तुम हो
तो घर,
घर है
सिर्फ चार खड़ी दीवार नहीं
तुम हो
तो परिवार है
सिर्फ लोग नहीं ।
तुम हो
तो जीवन की डायरी भरी-भरी सी है
सिर्फ कोरे कागज नहीं
तुम हो
तो जीवन एक फुलवारी है
सिर्फ बंजर जमीन नहीं
तुम हो
तो जीवन है
सिर्फ उम्र नहीं
तुम हो
तो दिन है खुशी से जीने के
सिर्फ काटने के समय नहीं ।
‘तुम ही मेरे जीवन हो
तुम हो तो जीवन हो’
गर् तुम नहीं
तो कुछ भी नहीं
क्योंकि………..
तुम हो तो…………….

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Author
Er Dev Anand
दिमाग से इंजीनियर दिल से रचनाकार ! वस्तुतः मैं कोई रचनाकार नहीं हूँ, मैं एक इंजीनियर हूँ । मैं वही लिखता हूं जो मेरी आंखें देखती हैं और दिल समझता है उन्हें को कलम के सहारे में व्यक्त कर देता... Read more

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