कविता · Reading time: 1 minute

तुम हमारे हुए

****** तुम हमारे हुए ******
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आँखों ही आँखों में इशारे हुए,
तुम हमारे हुए, हम तुम्हारे हुए।

जो राहों में मिले,वो किनारे हुए,
तुम हमें मिल गए तो सहारे हुए।

तेरे बिना चमन लगे विराना सा,
तुम आए यहाँ ,दिन में तारे हुए।

गर्दिश भरी जिन्दगी हमारी हुई,
तुम आए यहाँ तो उजियारे हुए।

मयकशी नजरें तेरी जादू भरी,
हमनशीं हमसाया है हमारे हुए।

मनसीरत पाँव न लगे जमीं पर,
दुआ रहमत से तुम हमारे हुए।
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सुखविंद्र सिंह मनसीरत
खेड़ी राओ वाली (कैथल)

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