*तुम संग बातें कर सब कुछ*

*तुम संग बातें कर सब कुछ*

तुम संग बातें कर सब कुछ
क्यों अच्छा लगने लगता है
तुम संग बातें कर सपना भी
क्यों सच्चा लगने लगता है

पर जब तुमसे न होती बातें
क्यों बेकार लगती हैं रातें
क्यों खो जाती हैं नींदें मेरी
क्यों रातों को जगती हैं आँखें

छोटा सा संदेश तुम्हारा
क्यों भोर मधुर कर देता है
सब कुछ अच्छा होगा कह देना
क्यों हिम्मत से भर देता है

क्यों सुनकर के नाम तुम्हारा
लब मुस्काने लगते हैं
क्यों चलते फिरते राहों पर
ये कुछ यह गाने लगते हैं

क्या तुमको पता वजह है
या सब कुछ बे-वजह है
मेरा ही है हाल इस तरह
या तुम संग भी होता एैसा है

मुझसे बातें कर सब कुछ
क्या अच्छा लगने लगता है
मुझसे बातें कर सपना
क्या सच्चा लगने लगता है

क्या तुम संग भी यह होता है
क्या कुछ तुमको भी होता है
जब तुम संग बातें करता हूँ
सब अच्छा लगने लगता है

जो तुम संग भी होता एैसा है
न जाने ये सब क्यों होता है

“क्यों तुम बातें कर मुझको”
“सब अच्छा लगने लगता है”

भवानी प्रताप सिंह ठाकुर
संपर्क – 8989100111
ईमेल- thakurbhawani66@gmail.com

Like 9 Comment 2
Views 355

You must be logged in to post comments.

Login Create Account

Loading comments
Copy link to share