तुम और मैं

तुम थे कहीं या तुम थे यहीं,
भूला नही मैं,जब तुम थे वहीं,
तुम तराशे गए,मैं बिखरता गया,
पर मैं था जहाँ, आज भी हूँ वहीं ।

तुम तटों पर थे,मैं दरिया में था,
तुम तैर गये ,मैं डूब गया,
तुम्हें मिला सहारा,मुझे झंझावात,
मैं था सही या तुम थे सही।

आवाज़ दिया पर रुके नही तुम ,
मुड़कर देखा एकबार नही,
लौटकर आओगे तुम एक दिन,
इंतजार में हूँ मैं, आज भी वहीं ।
@TceChaand.

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