.
Skip to content

“तुम” – एक गज़ल

ज़ैद बलियावी

ज़ैद बलियावी

गज़ल/गीतिका

March 26, 2017

मेरी सुबह हो तुम,
मेरी शाम हो तुम!
हर ग़ज़ल की मेरे,
नई राग़ हो तुम!
मेरी आँखों मे तुम,
मेरी बातों मे तुम!
बसी हो जैसे,
मेरी साँसो मे तुम!
हर वादों मे तुम,
हर यादों मे तुम!
सोऊँ मैं कैसे,
मेरे ख्वाबो मे तुम!
मेरा प्यार भी तुम,
एक एहसास भी तुम!
रात है चाँदनी और,
मेरा चाँद भी तुम!
मेरी दवाँ कभी तुम,
मेरी जाँम भी तुम!
ज़िन्दगी का मेरे,
हर ईनाम भी तुम!

(((( ज़ैद बलियावी))))

Author
ज़ैद बलियावी
नाम :- ज़ैद बलियावी पता :- ग्राम- बिठुआ, पोस्ट- बेल्थरा रोड, ज़िला- बलिया (उत्तर प्रदेश). लेखन :- ग़ज़ल, कविता , शायरी, गीत! शिक्षण:- एम.काम.
Recommended Posts
सिर्फ तुम/मंदीप
सिर्फ तुम/मंदीपसाई तारो में तुम फिजाओ में तुम हो चाँद की चादनी में तुम। ~~~~~~~~~~~~~~ ~~~~~~~~~~~~~~ बागो में हो तुम बहरों में हो तुम फूलो... Read more
मेरी हर नज़्म की शुरुआत हो तुम
पानी में घुलनशील जैसी कोई पदार्थ हो तुम मेरे दिल में बसी मेरे जज़्बात हो तुम मेरा दिन मेरा रात हो तुम खिलखिलाते फूलों की... Read more
दिन में भी तुम रात में भी तुम हो मेरे अंदर छिपे जज़्बात में भी तुम हो
दिन में भी तुम रात में भी तुम हो मेरे अंदर छिपे जज़्बात में भी तुम हो बहती हुई फ़िज़ाओं के एहसास में भी तुम... Read more
हाँ तुम! बस तुम!
झरनों के संगीत में हो तुम नदियों के हर गीत में हो तुम सूरज की चाहत में पागल सूरजमुखी की प्रीत में हो तुम हाँ... Read more