तुम्हें समर्पण

शीर्षक🖋🖋

तुम्हें समर्पित

🖋🖊लेखक कालूराम जी अहिरवार🎸🎻

>> तेरे नाम के बाद ही मेरी याद आती है ।

किसी और को हासिल हो तुम फिर भी तुम्हारी बात होती है ।

तुम्हें देखने के बाद जिंदगी में नई बाहर आती है।

दोस्ती से ही प्यार की शुरुआत होती है।

ऐ वक्त ठहर जा तेरे प्यार से ही मेरी जिंदगी की शुरुआत होती है।

यादें जिंदगी का हिस्सा बन कर रह जाती है ।

लम्हे पल बनकर जिंदगी मैं ठहर जाते हैं।

तब जाके इतिहास में हमारी बात होती है ।

वक्त निकल जाता है और यादें रह जाती है ।

भविष्य में कहीं जाकर कहानियां इतिहास होती है ।
💐💐💐💐
तुम्हें समर्पित

💝💝

कालूराम अहिरवार
8120650431

ग्राम जगमेरी जिला भोपाल

हमीदिया कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय b.a. सेकंड ईयर स्टूडेंट

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