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तुम्हें देखे हमको ज़माना हुआ है

Pritam Rathaur

Pritam Rathaur

गज़ल/गीतिका

August 13, 2017

ग़ज़ल
———-
वो दर पे नबी के जो आया हुआ है
ग़मों का उसी के सफाया हुआ है
?????????
किसानों की मेहनतकशी है ये प्यारे
पसीना जो चेहरे पे आया हुआ है—-गिरह
?????????
बड़ी होके बेटी तो होगी पराई
जिसे बाजुओं में झुलाया हुआ है
???????????*
सनम मान जाओ या हमको बता दो
सबब क्या है जो मुँह फुलाया हुआ है
?????????
मेरे चाँद अब तो निकल आओ बाहर
तुम्हें देखे हमको ज़माना हुआ है
??????????
मेरी मौत ही आखिरी है दवा जब
के अब दर्दे दिल जो पुराना हुआ है
??????????
नहीं झुकने देंगे तिरंगे को हम जो
लहू बन के रग़ में समाया हुआ है
?????????
नहीं जुल्म हमपे करो और “प्रीतम”
ये दिल पहले से ही सताया हुआ है
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प्रीतम राठौर भिनगाई
श्रावस्ती (उ०प्र०)
12/08/2017
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Author
Pritam Rathaur
मैं रामस्वरूप राठौर "प्रीतम" S/o श्री हरीराम निवासी मो०- तिलकनगर पो०- भिनगा जनपद-श्रावस्ती। गीत कविता ग़ज़ल आदि का लेखक । मुख्य कार्य :- Direction, management & Princpalship of जय गुरूदेव आरती विद्या मन्दिर रेहली । मानव धर्म सर्वोच्च धर्म है... Read more

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