तुम्हारे बाद भी

शीर्षक — तुम्हारे बाद भी

तुम्हारे जाने के बाद भी
कुछ नहीं बदलेगा यहाँ
फिर कोई इंसान के खाल ओढ़े दरिंदा नोच खायेगा
किसी बच्ची के जिस्म को
अखबार वाले अपने शब्दों से
बस तुम्हारे जज्बातो का गला घोंटेंगे
कुछ टीवी वाले तुम्हारी इज्जत
पर नेता संग गप्पे लड़ाएँगे
न्याय के नाम पर रोज -रोज
पक्ष – विपक्ष तर्क करेंगे
वोट की अग्नि में तुम्हारी आहुति
बार- बार डाली जायेगी

घरो में शाम के नास्ते में
तुम्हारी बाते चाय की चुस्कियों
और गर्मागर्म पकोड़े के साथ ली जायेगी
तुम्हे याद होगा आसिफा
तुम्हारी दीदी निर्भया के साथ भी
ऐसा ही तो हुआ था
लोगो ने मोमबतियाँ जलाई थी
और भूल गए थे उसे
तुम्हारे जाने के बाद भी
लोग ऐसा ही करेंगे
तुम देखना
कुछ भी नहीं बदलेगा
तुम्हारे बाद भी—अभिषेक राजहंस

Follow more such stories by Abhishek Rajhans

https://nojoto.com/post/c9d502de294e85b584e3cbc13536b215 @Nojoto

क्या आप अपनी पुस्तक प्रकाशित करवाना चाहते हैं?

साहित्यपीडिया पब्लिशिंग द्वारा अपनी पुस्तक प्रकाशित करवायें सिर्फ ₹ 11,800/- रुपये में, जिसमें शामिल है-

  • 50 लेखक प्रतियाँ
  • बेहतरीन कवर डिज़ाइन
  • उच्च गुणवत्ता की प्रिंटिंग
  • Amazon, Flipkart पर पुस्तक की पूरे भारत में असीमित उपलब्धता
  • कम मूल्य पर लेखक प्रतियाँ मंगवाने की lifetime सुविधा
  • रॉयल्टी का मासिक भुगतान

अधिक जानकारी के लिए इस लिंक पर क्लिक करें- https://publish.sahityapedia.com/pricing

या हमें इस नंबर पर काल या Whatsapp करें- 9618066119

Like 1 Comment 0
Views 5

You must be logged in to post comments.

Login Create Account

Loading comments
Copy link to share