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तुम्हारे जन्मदिन पर विशेष !

Neeraj Chauhan

Neeraj Chauhan

कविता

November 22, 2016

कभी कम ना हो सांसों की गिनतियाँ
कभी कम ना हो जीवन के दिन कम,
कभी कम ना हो महकती सी ये हंसी
कभी कम ना हो गीतों में सरगम।
ना हो छिपते अंधेरों के मंज़र,
ना उजाला हो कोई तुम बिन,
मिले बंसी की हर धुन तुम्ही को
मिले बारह महीनों का सावन।

रोमावली से बना ये जीवन
हो दिवाली के जैसा ये हरदम,
आसमां ही तुम्हारी हदें हो
कामयाबी तुम्हारा हो परचम।
भूल से भी कभी भी ये जीवन
ना तुम्हे दे कभी कोई उलझन,
उँगलियों पर अंगूठे को रखकर
जब भी तिथियां करो तुम ये गिन-गिन;

याद आये तुम्हे ये जन्मदिन
याद आये तुम्हे ये जन्मदिन …

– नीरज चौहान

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Author
Neeraj Chauhan
कॉर्पोरेट और हिंदी की जगज़ाहिर लड़ाई में एक छुपा हुआ लेखक हूँ। माँ हिंदी के प्रति मेरी गहरी निष्ठा हैं। जिसे आजीवन मैं निभाना चाहता हूँ।

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