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तुम्हारी सोच का जवाब नहीं

satyam kumar yadav

satyam kumar yadav

कविता

January 12, 2017

तुम्हारी सोच का जवाब नहीं
बेटा होने पर रात्रि भोज
बेटी होने पर खबर नहीं
तुम्हारी सोच का जवाब नहीं ।

बेटा होने पर डंका बाजे
आतिशबाजी की कमी नहीं,
बेटी होने पर शोकाकुल
चेहरे पे किसी के खुशी नहीं।

तुम्हारी सोच का जवाब नहीं ।

बेटा चाहे बने दुर्व्यसनी
अवगुणों की कसर नहीं,
बेटी चाहे बने सुशीला
उसकी सेवा की कदर नहीं।

तुम्हारी सोच का जवाब नहीं।

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Author
satyam kumar yadav
कहानियों एवं कविताओं के लेखन का शौक । युवा साहित्यकार फेसबुक-www.facebook.com/satyamyadav555 कानपुर उ. प्र. , संपर्क सूत्र -7619087371 ई-मेल : skyadav0730@gmail.com

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