तुमसे वादा रहा

तुम जो जुल्म ढाते हो,
गरीब मजदूरों को सताते हो,
गजब गजब का फरमान लाते हो,
सवाल न पूछे कोई तुमसे,
इसलिए जो दमन चलाते हो,
तुमसे वादा रहा ए सत्ता के नुमाइंदों,
हम सब एकजुट होंगे,
जोर से चीखेंगे इन्कलाब जिंदाबाद,
कर देंगे तुम्हारे साजिशों को बर्बाद,
भगत, राम प्रसाद, अशफाक के सपनों को करेंगे आबाद,
इन्कलाब जिंदाबाद, इन्कलाब जिंदाबाद!!!

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