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तुमने कैसे जुदा कर देना..

Ranjeet GHOSI

Ranjeet GHOSI

कविता

October 9, 2017

उनको चुके कुछ एहसास हमे जुदा मिला
थी वहीं जालिम पर अंदाज नया मिला
था उसकी आंखों में कुछ और शायद
पर जुवा पे ताला लगा मिला
कहना था शायद कुछ और उसको
पर दिल पे पर्दा डला मिला
समझ रहा था मुझे अपनी मंजिल
पर रास्ता उसका जुदा मिला
दिल में दबा लिया होगा तूफान उसने
जो सोचा मैंने उससे थोड़ा जुदा मिला
हो सकता है कुछ गलत लिखा हो
उसका हर अंदाजे रंग नया हो
सोच नया हो भाव नया हो
और वो मुस्कान नया हो
पर दिल को तुमने कौन से रंग से रंग डाला
कहते थे तुम जिसे अपना कभी
कैसे तुने उसे जुदा कर डाला,
कैसे उसे जुदा………

Author
Ranjeet GHOSI
PTI B. A. B.P.Ed. Gotegoan
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