मुक्तक · Reading time: 1 minute

तिलस्म ..

तिलस्म ..

मेरी दुनिया को सितारो स्याह न करो l
…मेरे गुलिस्तां पे शरारो निग़ाह न करो l
……वाकिफ़ हूँ मैं फ़रेबी अदा से आपकी ,
……….हुस्ने तिलस्म से मुझे यूँ तबाह न करो ll

सुशील सरना

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