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तिनका तिनका….

sushil sarna

sushil sarna

मुक्तक

August 13, 2017

तिनका तिनका….

तिनका तिनका करके आशियाना बनाया जाता ..है l
कतरा कतरा मोहब्बत से दिल को सजाया जाता है l
राज दिल के खोल न दे कहीं सावन ये …आँखों का –
अधरों पे एक मुस्कान का चेहरा लगाया …जाता है l

सुशील सरना

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Author
sushil sarna
I,sushil sarna, resident of Jaipur , I am very simple,emotional,transparent and of-course poetry loving person. Passion of poetry., Hamsafar, Paavni,Akshron ke ot se, Shubhastu are my/joint poetry books.Poetry is my passionrn

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