Jan 24, 2021 · कविता
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तांडव शब्द को बदनाम मत करो

तांडव शब्द को बदनाम मत करो
अपनी ओछी विचारों वाली फिल्मों से
तांडव वो नृत्य है जिससे सृष्टि का सृजन हुआ
तांडव वो नृत्य है जिससे काम भस्म हुआ
तांडव सत्य का नाद है
तांडव पाप का विनाश है
तांडव है दहकती हुई आग की ज्वाला
तांडव है नीलकंठ में धारित हाला
मन का करुण विलाप तांडव है
संगीत का प्रथम आलाप तांडव है
तांडव केवल शिव नही है शक्ति भी है
तांडव केवल भय नही है भक्ति भी है

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हरिनारायण तनहा
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नाम हरिनारायण साहू है और तनहा के तकल्लुस से लिखते हैं | कम्प्यूटर इंजीनियरींग में... View full profile
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