तहज़ीब

तेरी तहज़ीब से उभरते हुए चेहरे की रंगत।
नकाबपोश की चालाकी से बनी हुई किस्मत।।
भाग पायेंगे आखिर कब तक खुद का खुद से ही है सवाल।
जो मचाता है ह्रदय में हरदम ही एक नया बवाल।।

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लिखावट है बच्चों जैसी दिल बचपने से भरा। है ख्वाहिशें कुछ यूं ही हमेशा बना...
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