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तराना

sunil soni

sunil soni

गज़ल/गीतिका

March 21, 2017

भूल सकते है नही
कोई तराना आपका ।
दर्दे गम की दास्तां है
हर तराना आपका ।।

तन्हा तन्हा कट नही सकता
सफर जज्बात का ।
हम को शायद साथ देदे
एक तराना आपका ।।

तप रही है जेठ सी अब
जिन्दगी की हर गली ।
काश!ठण्डी छाँव बनता
एक तराना आपका ।।

दर्दे गम कहते सुनाते
कट गया इतना सफर ।
अब रुलाये या हंसा दे
वो तराना आपका ।।

हर सुबह के बाद आती
शाम ये दस्तूर है ।
सुख का सागर गम का दरिया
है तराना आपका ।।
सुनील सोनी”सागर”
चीचली

Author
sunil soni
जिला नरसिहपुर मध्यप्रदेश के चीचली कस्बे के निवासी नजदीकी ग्राम chhenaakachhaar में शासकीय स्कूल में aadyapak के पद पर कार्यरत । मोबाइल ~9981272637
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