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तब से जवां हुई है मुहब्बत नई नई

Dr Archana Gupta

Dr Archana Gupta

गज़ल/गीतिका

January 26, 2017

लिख दी है जब से दिल की वसीयत नई नई
तब से जवां हुई है मुहब्बत नई नई

बचपन गया जवानी में रक्खे कदम जरा
मिलने लगी सभी से नसीहत नई नई

यूँ लड़खड़ाते देख के उनके कदम लगे
शायद मिली है उनको ये शोहरत नई नई

करते जिरह भी ठीक से अपनी अभी नहीं
सीखी जो है उन्होंने वकालत नई नई

धरती न कैसे काँपे जो बनती ही जा रहीं
यूँ काट कर वनों को इमारत नई नई

भाने लगीं हैं चाँद सितारों की बात अब
हमको हुई है ‘अर्चना’ उल्फत नई नई

डॉ अर्चना गुप्ता

Author
Dr Archana Gupta
Co-Founder and President, Sahityapedia.com जन्मतिथि- 15 जून शिक्षा- एम एस सी (भौतिक शास्त्र), एम एड (गोल्ड मेडलिस्ट), पी एचडी संप्रति- प्रकाशित कृतियाँ- साझा संकलन गीतिकालोक, अधूरा मुक्तक(काव्य संकलन), विहग प्रीति के (साझा मुक्तक संग्रह), काव्योदय (ग़ज़ल संग्रह)प्रथम एवं द्वितीय प्रमुख... Read more
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