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तन्हाई अब कातिल हो गई है

आनंद बिहारी

आनंद बिहारी

गज़ल/गीतिका

July 26, 2016

ये तन्हाई अब कातिल हो गई
कि अब मेरे लिए मुश्किल हो गई है

तुम ख्वाबों में अब आते हो इतने
कि गमगीं दिल की महफ़िल हो गई है

तेरी दुरी की मज़बूरी भारी पड़े हैं
मगर छुट्टी मिलने की हासिल हो गई है

तेरी यादों में मैं टूटा तड़प कर
तेरी यादें भी संगदिल हो गई हैं

खुले आँखें तो अब रहो सामने तुम
बेसब्र आँखें तुम्हारे काबिल हो गई हैं

@आनंद बिहारी

Author
आनंद बिहारी
गीत-ग़ज़लकार by Passion नाम: आनंद कुमार तिवारी सम्मान: विश्व हिंदी रचनाकार मंच से "काव्यश्री" सम्मान जन्म: 10 जुलाई 1976 को सारण (अब सिवान), बिहार में शिक्षा: B A (Hons), CAIIB (Financial Advising) लेखन विधा: गीत-गज़लें, Creative Writing etc प्रकाशन: रचनाएँ... Read more
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