तन्हाईयां (ग़ज़ल)

ज़िन्द़गी का हौस़ला , तनहाईयाँ ।
काव्य की सुंदर कला, तनहाईयाँ ।
उलझ जाता ज़िन्द़गी की भीड़ में,
सुलझातीं वह मामला तनहाईयाँ ।
वक्त जो तैयार करता , दोस्तों में ,
मिटातीं वह फ़ासला , तनहाईयाँ ।
ज्ञानियों, विज्ञानियों को बहुत प्यारीं,
योगियों की श्रृंखला , तनहाईयाँ ।
जो न सुलझे नसिस्त़ों औ’ बैठकों में,
हल करातीं मसअ़ला , तनहाईयाँ।
-ईश्वर दयाल गोस्वामी।

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