23.7k Members 50k Posts
Coming Soon: साहित्यपीडिया काव्य प्रतियोगिता

!! तजुर्बा !!

यूं ही नहीं कोई किसी को
समझा जाता है
चाहे बड़ा हो या हो छोटा
कुछ बता जाता है

तजुर्बा है ही चीज ऐसी
वकत से आ ही जाता है
ठोकर जब तक न लगे
तब तक समझ न पाता है

होंसला रखो आसमान को
छू लेने का चाहे मन में
इंसान वहां पर अपना
रूतबा जमा ही आता है

कश्ती को ऐसे ही नहीं
चला लेता है चलाने वाला
कितनी गहराई कहाँ है
उसका अनुभव ही तो बताता है

सीखो किसी से भी
सिखने में कभी गुरेज न करो
अगर सीखना है किसी से भी
पूछने में कभी परहेज न करो

अजीत कुमार तलवार
मेरठ

5 Views
गायक और लेखक अजीत कुमार तलवार
गायक और लेखक अजीत कुमार तलवार
मेरठ (उ.प्र.)
624 Posts · 39.2k Views
शिक्षा : एम्.ए (राजनीति शास्त्र), दवा कंपनी में एकाउंट्स मेनेजर, पूर्वज : अमृतसर से है,...
You may also like: