23.7k Members 49.9k Posts

ढुंढ लिया

ग़म में भी ख़ुशी ढुंढ लिया,
मैं ने हर ज़ख्म का मलहम ढुंढ लिया।।
दर्द में भी राहत ढुंढ लिया,
मैं ने प्रेम की व्याख्या ढुंढ लिया।।
क्रोध में भी आशीर्वाद ढुंढ लिया
मैं ने हर मंजिल का राह ढुंढ लिया।।
व्यगं में भी विश्वास ढुंढ लिया,
मैं ने जड़ में चेतन ढुंढ लिया।।
अपने में कमी ढुंढ लिया,
मैं ने सफलता का कुंजी ढुंढ लिया।।
संत में परमहंस ढुंढ लिया,
मैं ने साधु का अर्थ ढुंढ लिया।।
आदि में अन्त ढुंढ लिया,
मैं ने परमात्मा को जग में ढुंढ लिया।।
कष्ट में भी सुख ढुंढ लिया,
मैं ने हर पल जीना सीख लिया।।

Like 1 Comment 0
Views 8

You must be logged in to post comments.

LoginCreate Account

Loading comments
Radha jha
Radha jha
Howrah
76 Posts · 738 Views