ठुमरी हो या गजल हो..........

एक रचना दिल से………………आपकी नजर

ठुमरी हो या गजल हो या हो कोई कविता
रागनी हो या फिर तुम हो चंचल कोई सरिता
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स्वरों की जान हो या लिखने का कोई सलीका
सुरों से सुर मिलाने का या तुम हो कोई तरीका
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डमरू की नाद हो तुम या श्रंगार कोई शिवा का
तबले की तान हो तुम या झंकार कोई वीणा का
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बांसुरी की धुन में हो तुम संदेश कोई राधा का
मन मंदिर में जैसे हो तुम उपदेश कोई गीता का
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मृदंग की गूंज हो या शंखनाद कोई किसी का
जन्मों की साधना या प्रत्यक्ष फल कोई इसी का
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बच्चों की मुस्कान हो तुम या स्रोत कोई ख़ुशी का
कृपा माँ सरस्वती की या आश्रीवाद कोई उसी का
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कपिल कुमार
19/07/2016

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From Belgium
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