दोहे · Reading time: 1 minute

ठीक नही आसार

भीतर घाती कर रहे,छिप-छिपकर नित वार ।
हाल बुरा है देश का, ……ठीक नहीं आसार ।।

भारत माँ को हो रहा,इसका बड़ा मलाल !
छुरा घोंपते पीठ पर उसके ही कुछ लाल !!
रमेश शर्मा.

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