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ठानी है अगर किस्मत ने अंगारे बरसाने की

कृष्ण मलिक अम्बाला

कृष्ण मलिक अम्बाला

शेर

August 21, 2016

अर्ज किया है
ठानी है अगर किस्मत ने अंगारे बरसाने की
ठानी है मैंने भी उसे फूल बनाने की
जब शमा न हो पायी परवाने की
तो मुझे क्यों हो परवाह जग के याराने की
कोई लाख कोशिश करे मुझे नजरों से गिराने की
ठानी है मैंने भी उसे अपना बनाने की

Author
कृष्ण मलिक अम्बाला
कृष्ण मलिक अम्बाला हरियाणा एवं कवि एवं शायर एवं भावी लेखक आनंदित एवं जागृत करने में प्रयासरत | 14 वर्ष की उम्र से ही लेखन का कार्य शुरू कर दिया | बचपन में हिंदी की अध्यापिका के ये कहने पर... Read more
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