Jun 5, 2016 · मुक्तक
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छल फरेब

टूटता साथ अब बनाना है !
दूरियाँ आज सब मिटाना है !
हो न अब छल फरेब आपस में !
आज विश्वास ये जमाना है !!

आलोक मित्तल उदित
रायपुर

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Alok Mittal
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जो दिल करता है वही लिखता हूँ ... कान्हा की नगरी मथुरा, उत्तर प्रदेश में... View full profile
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