झूला

*मुक्तक*
झूलती सखियाँ सयानी, गा रहीं मल्हार।
प्रेम के इस राग में भर, व्यक्त करतीं प्यार।
यौवनांगा है नवल प्रिय, से प्रणय की आस।
मौसमी अब प्रेम की रह-, रह गिरें बौछार।
अंकित शर्मा ‘इषुप्रिय’
रामपुर कलाँ,सबलगढ(म.प्र.)

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कार्य- अध्ययन (स्नातकोत्तर) पता- रामपुर कलाँ,सबलगढ, जिला- मुरैना(म.प्र.)/ पिनकोड-476229 मो-08827040078 View full profile
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