कविता · Reading time: 1 minute

झाड़ू का भाग्य

झाडू का भाग्य

झाडू बड़ी इतराई
जब उसे उठाया
नेता जी ने
कितने फोटो खिंचे
उससे पहले
कितना संभाला गया
जैसे कोई
चीज़ हो कीमती
धोया गया
डिटोल से
वाह झाडू
तेरा भाग्य
कितने पत्र-पत्रिकाओं में
मिला स्थान
दर्ज हो गई
इतिहास में
तूँ भी नेता जी संग
हो गई अमर

-विनोद सिल्ला©

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