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शेर की तरह/पर शेर नहीं,

Dr. Mahender Singh

Dr. Mahender Singh

शेर

November 14, 2017

*शरहदें दो मुल्क की पहचान,
शर्त दो यारों की,

दो भाईयों की पहचान,
आंगन में दीवार,

प्रेम-प्यार दो दिलों का है मिलन है,
दो जिस्म एक जान,

लाख पहरे हो,
धड़कन दिलों की,
नफरत छोड़ प्रेममय हो जाती है,

दिल बहता है,
मन भटकता है,
तन झलक है उस दीदार ए प्यार की,
Mahender Singh Author at..

Author
Dr. Mahender Singh
(आयुर्वेदाचार्य) शौक कविता, व्यंग्य, शेर, हास्य, आलोचक लेख लिखना,अध्यात्म की ओर !
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