Skip to content

ज्यों गगन में चान्द चमके…बेटी चमके आंगना में

अलका जैन

अलका जैन

कविता

January 11, 2017

ज्यों गगन में चान्द चमके
बेटी चमके आंगना में

बेटिया साडी का आंचल
बेटिया आंखों का काजल
बेटिया चूडी की खन-खन
बेटिया मां का है दर्पण

बेटिया पूजा की थाली
बेटिया सबसे निराली
बेटिया आंगन की तुलसी
बेटिया डयोरी का दीपक

बेटिया मां – बाप का सम्मान है
बेटिया इस देश की शान है!
बेटियों को कोख में मत मार दो,
बेटियों को जीने का अधिकार दो!

लेखिका- अलका जैन, रानीपुर झांसी

Share this:
Author
अलका जैन
पूरा नाम - श्रीमती अलका जैन एक ग्रहणी .... शादी के बाद जिसका लेखन बंद हो गया था पर बेटी के लेखन को देख दुबारा कलम उठायी है ! पति का नाम - डॉ प्रमोद कुमार जैन पुत्री - जयति जैन ( नूतन/शानू ) पुत्र... Read more

क्या आप अपनी पुस्तक प्रकाशित करवाना चाहते हैं?

साहित्यपीडिया पब्लिशिंग से अपनी पुस्तक प्रकाशित करवायें और आपकी पुस्तक उपलब्ध होगी पूरे विश्व में Amazon, Flipkart जैसी सभी बड़ी वेबसाइट्स पर

साहित्यपीडिया की वेबसाइट पर आपकी पुस्तक का प्रमोशन और साथ ही 70% रॉयल्टी भी

साल का अंतिम बम्पर ऑफर- 31 दिसम्बर , 2017 से पहले अपनी पुस्तक का आर्डर बुक करें और पायें पूरे 8,000 रूपए का डिस्काउंट सिल्वर प्लान पर

जल्दी करें, यह ऑफर इस अवधि में प्राप्त हुए पहले 10 ऑर्डर्स के लिए ही है| आप अभी आर्डर बुक करके अपनी पांडुलिपि बाद में भी भेज सकते हैं|

हमारी आधुनिक तकनीक की मदद से आप अपने मोबाइल से ही आसानी से अपनी पांडुलिपि हमें भेज सकते हैं| कोई लैपटॉप या कंप्यूटर खोलने की ज़रूरत ही नहीं|

अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें- Click Here

या हमें इस नंबर पर कॉल या WhatsApp करें- 9618066119

Recommended for you