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ज्ञान तू है प्राण तू है

Pritam Rathaur

Pritam Rathaur

कुण्डलिया

May 11, 2017

ज्ञान तू है प्राण तू है तू बिशुद्ध है आत्मा
है दिया ये ज्ञान सबको एक है परमात्मा

एक ही सागर के हैं हम बूंद सारे प्राणी भी
कष्ट सबका एक जैसा मत दुखाओ आत्मा

प्रबुद्ध शुद्ध विशाल हृदय करुणा है सबके लिए
प्रेम से जीता जगत को एक है तू महात्मा

आपका संदेश जन जन के हृदय को भा गया
करुणा की एक लौ जलाना घृणा का हो खात्मा

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Author
Pritam Rathaur
मैं रामस्वरूप राठौर "प्रीतम" S/o श्री हरीराम निवासी मो०- तिलकनगर पो०- भिनगा जनपद-श्रावस्ती। गीत कविता ग़ज़ल आदि का लेखक । मुख्य कार्य :- Direction, management & Princpalship of जय गुरूदेव आरती विद्या मन्दिर रेहली । मानव धर्म सर्वोच्च धर्म है... Read more
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