गज़ल/गीतिका · Reading time: 1 minute

जो पास नहीं वो अच्छे हैं

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जो पास नहीं वो अच्छे हैं
वो नेक बड़े ही सच्चे हैं

दूर नहीं वो दिल से यारो
जो भी वादों के पक्के हैं

भर आये मन ये सुन-सुनकर
आप बड़ी उम्र के बच्चे हैं

मैं हास्य करूँ उत्प्न्न हमेशा
लोग कहें अक्ल से कच्चे हैं

यूँ दिल उन पे फ़िदा है यारो
वो रबड़ी तो हम लच्छे हैं

खूब कहूँ गीत-ग़ज़ल मैं भी
सब सुनके हक्के-बक्के हैं

दिल का दौरा पड़ जायेगा
यदि जमते खून के थक्के हैं

ये भीड़ सफ़र में, क्या कहना
ये आबादी के धक्के हैं

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एक अदना-सा अदबी ख़िदमतगार Books: इक्यावन रोमांटिक ग़ज़लें (ग़ज़ल संग्रह); इक्यावन उत्कृष्ट ग़ज़लें (ग़ज़ल संग्रह); 'इक्यावन इन्द्रधनुषी ग़ज़लें' (ग़ज़ल संग्रह) प्रतिनिधि रचनाएँ (विविध पद्य रचनाओं का संग्रह); रामभक्त शिव (संक्षिप्त…
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