जो तेरे सपनों का मौसम

जो तेरे सपनों का मौसम, वह मौसम मेरा हो जाए।
तेरे ख्वाबों की दुनियाँ में मेरा भी डेरा हो जाए।

मैं दिल की हालत लिखता हूँ पढ़कर दिल पर काबू रखना
ऐसा ना हो तरस ही खाकर, तेरा दिल मेरा हो जाए।

अलसाई आँखे रहती हैं, सुधबुध खोये रहता हूँ
ख़्वाहिश है तेरी गलियों में मेरा भी फेरा हो जाए।

तुम अपने गम की महफ़िल में मुझको कोई कोना दे दो
मैं तुमको अपना ही लूँगा कितना भी पहरा हो जाए।

तू सबके दिल की मल्लिका है दुनियाँ का हर पल तेरा है
कुछ पल तू अपना सँग दे दे पल भर तो मेरा हो जाए।

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