मुक्तक · Reading time: 1 minute

जो अहले खिरद न कर् पाये

आने वाली मेरी पुस्तक….इश्क़ मुकम्मल से…..आपकी नजर

अहले- खिरद न कर् सके वो करके दिखा गया
एक बेअदब ही आज अदब सबको सीखा गया
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कपिल कुमार
17/06/2016

अहले खिरद……समझदार
बेअदब……….असभ्य

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