**जुदाई का दर्द**

💔💔💔💔💔💔💔💔💔
जिस पल से खपा वो हमसे हुए हैं ,
जीने के अरमा बुझ से गए हैं !
साँस भी अब तो रुकने लगी है ,
बात जो उनसे बंद हुई है !!

किससे कहें अब जीते हैं कैसे ,
उनके बिना हम रहते हैं कैसे !
धड़कन दिल से पल पल पूछे ,
गए कहाँ वो दिल को छूके !!

दिल पागल है प्यार में उनके ,
कैसे जिएं इक पल भी उनके !
याद क्यूँ उनको मेरी ना आई ,
पूछे मुझसे मेरी तन्हाई !!

आंसू अब तो रुकते नहीं हैं ,
होंठ हंसी को छूते नहीं हैं !
मरते हैं पल पल याद में उनकी ,
कैसे कहें उन्हें बात ये दिल की !!

दिल रोता है दे दे के दुहाई ,
कैसी ये उसने प्रीत निभाई !
प्यार मेरा वो समझ ना पाया ,
कैसा ये मंजर है आया !!

कैसे कहूँ उस रूठे सजन से ,
छोड़ दे अब ये झगड़ा झूठा !
होती नहीं अब सहन जुदाई ,
प्यार करन की रुत है आई !!
💓💓💓💓💓💓💓

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