23.7k Members 49.8k Posts

जी को नहीं है पलभर चैना

जी को नहीं है पलभर चैना
बैरन से क्यों लागे नैना

मोहे तोरी याद सतावे
अमवा पर कूके जब मैना

मुख से अपने कुछ तो बोलो
शहद से मीठे तोरे बैना

रह न सकूँ मैं यार तिरे बिन
नींद न आवे अब दिन-रैना

देख मुझे क्यों चुप्पी ओढ़ी
प्यार तुम्हें भी बोलो है ना

Like Comment 0
Views 6

You must be logged in to post comments.

LoginCreate Account

Loading comments
महावीर उत्तरांचली
महावीर उत्तरांचली
नैनीडांडा (पौड़ी गढ़वाल) व दिल्ली
286 Posts · 9k Views
एक अदना-सा अदबी ख़िदमतगार Books: इक्यावन रोमांटिक ग़ज़लें (ग़ज़ल संग्रह); इक्यावन उत्कृष्ट ग़ज़लें (ग़ज़ल संग्रह);...