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जीवन

Dr Archana Gupta

Dr Archana Gupta

कविता

June 7, 2016

भीड़ के बीच में
अकेला सा जीवन
भावों के जंगल में
खोया सा ये मन

इंद्रधनुषी सपनें
आशा का दामन
फूलों सा खिलता
अपना घर आँगन

वक़्त हमारा जब
तो जीवन उपवन
बरसे बस खुशियाँ
महके भी सावन

बुरे समय में
बिखरा कण कण
गम की चादर ले
सोया अपनापन

ओढ़ बुढ़ापा
रोता है बचपन
साँसें रूठी तो
छोड़ जाती तन

अर्चना गुप्ता

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Author
Dr Archana Gupta
Co-Founder and President, Sahityapedia.com जन्मतिथि- 15 जून शिक्षा- एम एस सी (भौतिक शास्त्र), एम एड (गोल्ड मेडलिस्ट), पी एचडी संप्रति- प्रकाशित कृतियाँ- साझा संकलन गीतिकालोक, अधूरा मुक्तक(काव्य संकलन), विहग प्रीति के (साझा मुक्तक संग्रह), काव्योदय (ग़ज़ल संग्रह)प्रथम एवं द्वितीय प्रमुख... Read more
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