कविता · Reading time: 1 minute

जीवन

जो
यह
कहते
थे कि यह
जीवन धन ,
अनमोल नहीं
अंत समय तक
वही ये कहते गए
इसका कोई मोल नहीं
ये
तब
कीमत
भूल गए
पहचान न
थी इस काया की
क्योंकि चढ़ी थी इन
आंखों पर पट्टी जग
की कठिनतम माया की
✍️सतीश शर्मा

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