जीवन

पल पल निकलता जीवन
हर पल पल को तू जी ले
कभी धूप कभी छांव
जीवन रंगों की छाया
कभी सूर्य चमकता जीवन
कभी काले बादल की छाया
जोरों से कड़कती बिजली
दिल को दहला जाती
चाहे जब बारिश की बूंदें
हृदय को सहला जाती
इन्द्रधनुष सा जीवन
सतरंगी जीवन सबका
कभी सुख जीवन में आता
कभी दुख का होता बसेरा
हर जीवन अलग कहानी
दास्तां जो कहती अपनी
किस बात का रोना तेरा
धैर्य जरा तू धर ले
तूफान कभी भी कहीं भी
आकर चले भी जाते
जीवन श्वेत से रंग का
चाहे जिस रंग में रंग ले

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