जीवन सहरा सा हुआ,

आज विश्वपर्यावरण दिवस पर

जीवन सहरा सा हुआ, दिखे रेत ही रेत
ऐसी बरसी आग है , सूख गए सब खेत
सूख गए सब खेत , बरस पानी भी जाता
इतना ,उगा अनाज , सड़ाता और बहाता
दिखे अर्चना रोज ,कर्ज का बढ़ता पहरा
खुशियों से हो रीत, हुआ ये जीवन सहरा
डॉ अर्चना गुप्ता

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डॉ अर्चना गुप्ता (Founder,Sahityapedia) "मेरी प्यारी लेखनी, मेरे दिल का साज इसकी मेरे बाद भी,...
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